06 अप्रेल 1980 को अस्तित्व में आई भारतीय जनता पार्टी आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल और दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र भारतीय गणतन्त्र की अगुवाई करने वाले सत्ताधारी दल के रूप में अपना स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के असंख्य कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवाद पर विश्वास जताने वाले आम भारतीय नागरिकों को शुभकामनाएं व् बधाई !
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे अगणित कालजई नायकों को श्रद्धांजलि जिनके बलिदान ने आज भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनने और अपने दम पर भारत की सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने का रास्ता दिखाया !
एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे !
कश्मीर हो या गोहाटी-अपना देश अपनी माटी !
जहां हुए बलिदान मुखर्जी- वो कश्मीर हमारा है !
धारा 370 धोखा है, देश बचा लो मौका है
यदि भारत में रहना होगा, वन्देमातरम कहना होगा !
हिन्दी, हिन्दू, हिंदुस्तान, मांग रहा है कमल निशान !
राम लला हम आएंगे, मन्दिर यहीं बनाएंगे !
भारत माँ की तीन धरोहर, अटल-आडवाणी- मुरली मनोहर !
अब की बार मोदी सरकार और नमो नमो !
ये वो कालजयी उद्घोष थे जिसने भारतीय राजनीति को बदल कर रख दिया, योजनाबद्ध शब्द विन्यास का ये अनूठा प्रयोग ही तो था जिसने देश के आम आदमी के गहरे अन्दर तक राष्ट्रवाद जैसे जटिल विषय को आसानी से पहुंचाकर भारतीय जनता पार्टी को सबसे लोकप्रिय राजनीतिक दल बना दिया ! पण्डित दींन दयाल उपाध्याय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का देश के लिए बलिदान आज भी भाजपा के कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देता है तो अटल-आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी की तिकड़ी आज भी कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी का मौलिक परिचय का महत्वपूर्ण अध्याय है ! पहले भाजपाई प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी के करिश्माई नेतृत्व ने आज की भारतीय जनता पार्टी के लिए मजबूत आधार तय किया जिसे 2014 के आम चुनावों में नरेन्द्र मोदी जैसे सबसे लोकप्रिय हो चुके राजनीतिक शख्सियत के साथ भुनाने में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी ! भारतीय जनता पार्टी की सबसे अनमोल निधि उसके कार्यकर्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक का अभिभावकत्व है जिसने उसे विचारधारा से दूर जाने के बजाय राष्ट्रवाद के प्रति और मुखर बनाया बावजूद इसके जनसंघ के दौर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय, आपातकाल के बाद से 2010 तक श्री अटल बिहारी वाजपेयी - लालकृष्ण आडवाणी - डॉ मुरली मनोहर जोशी और मौजूदा दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व् भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सफल जुगलबन्दी भी नए दौर की भाजपा की सफलता के लिए जिम्मेदार है ! 2017 में उत्तर प्रदेश सहित 4 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनना खासकर उत्तर प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाना भी भविष्य की राजनीति की ओर स्पष्ट इशारा है जिसे समझने में भाजपा कार्यकर्ताओं को बहुत कठिनाई नहीं हो रही है हालंकि सबकुछ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के 5 वर्षों के कार्यकाल पर निर्भर करेगा !
1951 को श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा आरएसएस के राजनीतिक घटक के रूप में भारतीय जनसंघ की स्थापना की गई । इस कालखण्ड में विभिन्न राजनीतिक उपलब्धियों और अनेक श्रंखलाबद्ध घटनाक्रमों के पश्चात आपातकाल की वजह से भारतीय जनसंघ पहले जनता पार्टी और फिर अनेक नए बदलावों के साथ 1980 में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बुनियादी विचारधारा के साथ नए राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ । 1951 में भारतीय जनसंघ से प्रारम्भ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद के विचारों के साथ शुरू हुआ राजनीतिक आन्दोलन आज सफलता के कई सोपान पूरे कर भारत के जन मन् में छा चुका है, भाजपा की इस सफलता के पीछे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जैसे कई मनीषियों सहित असंख्य कार्यकर्ताओं का बलिदान और परिश्रम है।भाजपा या फिर यूँ कहिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजनीतिक घटकों के लिए कश्मीर व् धारा 370 , रामजन्म भूमि, इस्लामिक आतंकवाद, और मुस्लिम तुष्टीकरण जैसे जन भावनाओं से जुड़े मुद्दे वरदान साबित हुए !

