जिसके लिए पूरा जन्म कम उसके लिए सिर्फ एक ही दिन क्यों..?
सबकी माँ सदा स्वस्थ और खुश रहे,
इन्ही शुभकामनाओं के साथ,
अगली चर्चा तक विदा
भारत में अत्तीत के गौरवशाली स्मारकों और धरोहरों की स्थिति आज अत्यंत चिंताजनक हो गयी है, हम आधुनिक शिक्षा, और तकनीकी के बल पर तब तक देश को विकसित और अग्रणी नहीं बना सकते जब तक हम अपने गौरवशाली अतीत और इतिहास का सम्मान करना न सीख जाएँ!आज के दौर में जब हम भुमंदालिकरण के संक्रामक दौर से गुजर रहे हैं ऐसे में तब यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को आने वाली पिडियों तक पहुंचाए जिससे वो अपने इस देश के मान - सम्मान का परिचय प्राप्त कर सकें और"भारतीय होने पर गर्व कर सकें" !